“Chodu Mausa XXX”थोड़े देर बाद वो मेरे होठ को किश करते हुए गर्दन से चूच के पास पहुंचे और हौले हौले जीभ से छूने लगे, फिर क्या कहना मेरे रोम रोम खड़ा हो गया था, फिर वो मेरी टांगो को अलग अलग कर के चूत को (बूर को) झांके लगे अंदर लाल लाल था, एक मटर के दाने के बराबर अंदर छेद था.उसमे एक ऊँगली तक नहीं जा सकती पर उन्होंने मुझे इतना छुआ और जीभ से भी चूत को गुदगुदाने लगे जिसने मेरी चूत से लस लसा सा तरल निकलने लगा जिससे मेरी चूत काफी चिकनी हो गई थी, फिर मौसा जी ने अपने लंड को निकाला.मैं तो डर गई थी, मैं सोच रही थी इतना मोटा लंड कैसे जायेगा मेरी बूर में, मैं ये सोच कर डर रही थी तो मौसा जी बोले चिंता नहीं करो कुछ भी नहीं होगा एक बार दर्द होगा फिर आराम से जायेगा फिर तो तुम रोज रोज मजा ले सकोगी.उसके बाद उन्होंने मेरे चूत पे लंड को रखा मैं सिहर गई थी, और फिर वो एक झटके दिए, पर लंड फिसल गया और मैं दर्द से कराह उठी.















