मेरी चूत मैं आग लगी हुई है….” इस के साथ ही मैं ने नीचे से पापा को ऊपेर की तरफ पुश किया. BFSex फिट सीधे हो कर एक दूसरे की बाहों मैं लिपट कर सो गाए. “पापा चोदिये…. मेरी चूत चिकना चिकना पानी छोड़ रही थी, मगर फिर भी पहली दफ़ा तकलीफ़ की वजह से मेरी चीख निकल गई.“मर गई पापा. आओ… चलो मेरे साथ…”पापा यह कहते हुए मुझे बेड से उतार कर मेरी कमर मैं हाथ डाल कर मुझे बाथरूम मैं ले गए. मेरी मुथि मैं से पापा के लंड की टोपी फूल कर पर्पल कलर की हो रही थी और चमक रही थी. मैं तो अभी पूरी तरह जवान भी नहीं हुई थी, और ना मुझे अभी तक पीरियड्स श्रु हुआी थे. पहली दफ़ा तुम मुझ से चुदवा रही हो.. बोहट मूसखिल हो रही हे अपनी जानू को चोदने मे”.पापा अपना लंड जुब मेरी चूत मैं अंदर बाहर करने लगते तो उसके साथ ही मेरी चूत की अंदर की स्किन भी बाहर निकल आती. पापा के गरम गरम पेशाब की तेज़ धार मेरी बॉडी पेर अजीब सा मज़ा दे रही थी.













