मैं ने एक लंबी आहह भरी, “अहह… हाआंन्नणणन्… भाभी!” और उधर मेरा लौड़ा झड़ने लगा, फुहारे की तरह, शुरू में रुक रुक कर, फिर जोर से… भाभी बोली, “म्म्म्मममम…. काश हर मर्द तुम्हारे तरह होता!” वो अपना सर उठाकर मेरे तरफ अब देखी और बोली, ” अब आओ… तुमको मज़ा करती हूँ.”मैं ने उनसे पूचछा, “आप थॅकी नही हैं?” उनकी साँस अभी भी कुच्छ फूली हुई थी, पर उन्होने मेरी आँखों में मुस्कराते हुए देखा और बोली, “अभी सीखना ख़तम नही हुआ है! BFSex ह्म… सिर्फ़ अपने लौड़े का ख्याल करो…”“जी.”अब वो अपनी चुचि को मेरे मुँह के उपर रगड़ते हुए, मुझे चोदने लगी. रे …दैयय्आ…… ह्म्म्म्ममम… वाह, मेरे राजा… आहह…. पता नही कैसे, पर शायद मेरी भूखी नज़रें और मेरे चाटने और चूसने से रीना भाभी बहुत जल्दी गरम हो गयी.मैं ने सर उठाकर देखा तो उनकी खूबसूरत चूत झांतों के बीच फूल गयी थी, थूक और अपने रस से चमकती हुई, अपने फूली हुए पत्तियों को आधी खिली हुई फूल के तरह. आहह… हाआंणन्न्?”“जी!… हाआन्न!!!”“मुझे भी!”अब उन्होने अपने चूतर को थोरा उठाया, और मुझसे कहा, ” तुम मत हिलना… इसी तरह रहो… इसी तरह… मेरे चूत के अंदर…”वो अपनी चूत को आगे कर के घिसने लगी, उनकी बुर का दाना मेरे झाँत में रगड़ रहा था.















