अन्दर तक हिला दिया ! XXX BF ठीक है सविता, तुम चिन्ता मत करो, पांडे जी को आने दो, मैं कुछ दवाएँ जानता हूँ, उन्हें ठीक करने का प्रयास जरूर करूँगा।”“हाँ, जरूर ! आप सही कह रहे थे, इतना मजा आता है चुदवाने में ! हाँ, यदि सेक्स के बारे में जानती पर लण्ड की गर्मी खुद की बुर पर महसूस नहीं करती तो शायद तुम्हें कोई दिक्कत नहीं होती पर अब मेरे हिसाब से एक ही इलाज है चुदवाना। क्या तुम मुझसे चुदवाना चाहोगी?”उसने कहा- कुछ हो गया तो?मैंने कहा- कुछ नहीं होगा, थोड़ी दिक्कत हो सकती है, थोड़ा सा दर्द होगा थोड़ा सा खून भी गिरेगा पर बाद में मजे लेकर खुद चूतड़ उछाल उछाल कर तुम्हारी बुर लण्ड गटक जाएगी, बस तुम्हें एक बार हिम्मत दिखानी है, बोलो तैयार हो?बहुत देर सोचने के बाद कुसुम ने शर्माते हुए हाँ में सिर हिलाया और तब मैं आगे बढ़ने लगा।सबसे पहले मैंने कुसुम से पूछा- चुदाई को लेकर उसके मन में क्या है, कैसे वो चुदवाना चाहती है।और कहा- लण्ड और बुर का नाम बिना शर्माए ले, और अपने मन की भावनाएँ खुल कर बिना हिचके चुदाई के दौरान या चुदाई के पहले और बाद बताए।वो तैयार थी।अब मैं एक एक कर उसको पूरा नंगा कर प्रकाश में उसके अंग देखने लगा। वो काफी शरमा रही थी।मैंने कहा- पहले अपनी शर्म एकदम खत्म















