और मैं उनकी चूचियों को पकड़ कर अपने मुझे में ले लिया और उनके निप्पल को दांत से काटने लगा. XXX BF मैंने पूछा दीदी आप आह आह क्यों कर रहे हो. फिर मैं निचे सरक कर चला गया और दोनों पैरों को अलग अलग करके, मैंने उनकी खूबसूरत बिना बालों बाली चूत को अपने जीभ से चाटने लगा.वो भी रह रह कर अपने चूत को मेरे मुंह में रगड़ देती. माँ और दीदी अभी तक जगी थी क्यों की सबको खिला पिला रही थी. तो दीदी बोली नहीं नहीं और जोर जोर से चोदो मुझे.मैं तो इसलिए कर रही हु, की मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था, मुझे खूब चोदो, रुको मत. कोई गर्लफ्रेंड बनाया की नहीं? रात के करीब साढ़े ग्यारह बजे, मेरे कमरे का दरवजा खुल मैंने देखा तो दीदी थी.अंदर आते ही वो दरवाजा लगा दी. मेरा नाम देवेन्द्र है, झाँसी का रहने बाला हु, मेरे घर में मम्मी पापा और बड़ी बहन और मैं. और मेरी भी धड़कन तेज हो गई. वो मेरे होठ को चूस रही थी और मैं उनके होठ को किश कर रहा था.फिर हम दोनों एक दूसरे का कपडे उतारने लगे. दीदी बोली देवेन्द्र अब रहा नहीं जा रहा था मेरी चूत की गर्मी को शांत कर दे.















