जो मेरे घुटनो के थोड़े ऊपर रहती है. इतनी सुन्दर रंडी को भी ठीक से नहीं चोदता. XXX BF दिलीप मेरी कमर पर बैठ गया और मेरे पैर फैला दिये और जिससे मेरी चूत फेल गई लेकिन मेरी जांघे दर्द करने लगी.में चीखी.. “Mere Chut Ki Malish”में उत्तेजना से छटपटाने लगी और रात भर की सेक्स की भूख अपना रंग दिखाने लगी थी. मंटू ने यह सुनकर अपना लंड मेरी चूत पर टिका दिया और उसके मोटे लंड का सुपाड़ा मेरी चूत मे जाने का नाम नहीं ले रहा था.वो मेरे मुँह के पास आया और कहने लगा कि इसे चूस कर गीला करो.. “Mere Chut Ki Malish”फिर स्पीड बड़ने लगी और करीब 20 मिनिट के भीषण घर्षण के बाद हम दोनों के फव्वारे छूटने लगे.. इतना कहकर मंटू ने दो उंगलियां मेरी चूत के अंदर डाल दी और मेरी चूत बहुत गीली हो चुकी थी. मैने उसे अंदर आने दिया और बेडरूम में ले गई और उसे ए.सी. उपर चड़ने के बाद मुझे ध्यान आया कि मैने पेंटी नहीं पहनी है और मैंने नीचे देखा तो दिलीप मेरी नंगी जाँघो और चूत को घूर रहा था.में फिर से वारंटी कार्ड खोजने लगी और तभी मेरी नज़र साइड के कांच पर पड़ी..















