और फिर ज़िन्दगी थोड़ा अजीब सा होने लगा.किसी काम से मेरे पति को दिल्ली से बाहर जाना पड़ गया, मैं अकेली हो गई. की बताओ गलत पति मिल गया है उसे, शायद आपके वाइफ को मेरा पति मिलता और मुझे आप मिलते तो ज़िन्दगी खूबसूरत हो जाती. BF XXX और उन्होंने प्लीज प्लीज करने बुलाया और मैं अंदर चली गई. और अंदर बाहर करने लगी. फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए. वो ऐसे कह रहे थे की छोड़कर चली गई है. तब से मैं अकेले हु. फिर तो हम दोनों चार दिन तक एक साथ ही रहे. वो अपने सीने में जकड लिया, और मुझे फिर गोद में उठाकर बैडरूम में ले गया. और पलंग को चों चों को आवाज से और मेरे चूत पे छाप छप की आवाज से पूरा कमरा गूँज रहा था. तो वो बोले क्या मैं आपकी मदद कर सकता हु, क्यों की जिस चीज की आपको जरूरत है उसी की मुझे भी जरूरत है. और केपरी भी, और खुद भी अपना पजामा और टी शर्ट खोल दिया. दोस्तों पहली बार मुझे चूत चटवाने का एहसास हुआ जो गजब का था और मेरा भी पहला एक्सपीरियंस था लंड को चूसने का क्यों की मेरा पति इस सब हायजीन कहके मुझे में लेने से मना कर देते थे.पर आज मैं खूब चाटी और चटवाई भी , उसके बाद















