ना-जाने क्यों फूफी हिफ्ज़ा ये देख कर हंस पड़ीं लेकिन में अपने काम में मसरूफ़ रहा.मैंने उनकी सेहतमंद रानों को अंदर की तरफ से पकड़ कर खोला और उनकी मोटी चूत पर ज़बान फेरने लगा. XXXBF में उतर कर उनके पास बेड पर बैठ गया और उनके गले में हथ डाल कर उनके गाल का चूमा लिया. वो बहुत खुश नज़र आ रही थीं जिस से ज़ाहिर होता था के मेरे नफ्सीयाती हार्बे कामयाब हो रहे थे. ये औरतों को चोदने की मेरी पसंदीदा पोज़िशन थी. उनका बदन गरम हो गया था और साँस भी अब तेज़ तेज़ चल रही थी. कुछ और ही था जो उन्हे मुझ से आँखें चार करने से रोक रहा था. उनके मुँह से उन्ह की आवाज़ निकली तो मुझे होश आया और मैंने उनका मम्मा छोड़ दिया. लेकिन वो हर लिहाज़ से इतनी ज़बरदस्त औरत थीं के उन्हे चोदने की खाहिश को दिल से निकालना भी हिमाक़त ही होती.मै तो वैसे भी फूफी फ़रीहा को चोद लेने के बाद अपनी सारी फुफियों को अपने लिये एक नैमत समझता था और फूफी हिफ्ज़ा की मोटी ताज़ी चूत ना लेने का तो सवाल ही पैदा नही होता था चाहे इस में जितना भी ख़तरा होता. उन्होने पहले तो मेरा साथ नही दिया लेकिन फिर मेरे साथ चिपकते हुए अपनी ज़बान मेरे मुँह में दे दी और में उससे चूसने















