ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.मैने उसकी तरफ देखा वो आज लाल साड़ी पहन कर और काफ़ी सज धज के आई थी उसे देख के कोई भी ये नही बता पाएगा की वो नौकरानी है. BF XXX मैंने कहा ठीक हो जायेगा. वो चिल्लाने लगी की बहूत दर्द हो रहा है. मेरी नजर उसपर पहले ऐसी नही थी जब वो सुबह आती.पहले तो अपने चूचियों पे दुप्पटा बांन्ध लेती ताकि ऊपर से कुछ दिखे नहीं, ये मुझे ठीक नहीं लगता था, क्यों की एक तो ऐसे ही चूत गाँव चली गई है, और साली इसकी चूचियों को देखकर भी मूठ मार लेते तो ये भी ढक लेती है. मुझे बहूत डर लग रहा है, और ये बोल कर रोने लगी.मुझे भी उसकी बात सुन कर बुरा लगा मैं उसकी मदद करने के लिए सोचने लगा और कही ना कही मुझे पर अब हवस भी चढ़ चुका था तो मैंने मौके की नजाकत को समझा और तुरंत ही उसके कंधे पर हाथ रख दिया. मुझे थोड़ा हिंट मिला, उसकी दोनों गोल गोल चूचियां बाहर को दिख रही थी, और वो मेरे पीठ पर तेल लगाने लगी मुझे. वो तो पहले थोड़ा सकपकाई फिर शांत हो गई.मैंने कहा मैं करूँगा तुम्हारी मदद, तो वो बोली भैया क्या आप मेरी मदद करेंगे?















