चोद ले आकर!!” नंदिनी चाची बोली मैं कुछ करने ही जा रहा की मेरी माँ अंकुश अंकुश करके आवाज देने लगी। इसलिए उस शाम हमारे बीच कुछ नही हो पाया। एक दिन शाम के घर में मैं था।अचानक धम्म से गिरने की आवाज आई। वहां पर और कोई नही था। मेरे चाचा अपनी किराना वाली दूकान पर गये थे। मैंने आवाज सुनी तो दौड़ा दौड़ा बाथरूम में गया। देखा नंदिनी चाची बाथरूम में फिसल कर गिर गयी थी। “आह आह…” करके वो दर्द से चिल्ला रही थी। मैं परेशान हो गया।“क्या हुआ चाची????’ मैंने फिकर करते हुए पूछा.“….गिर गयी रे!!! XXXBF दिन में भी मेरी चूत इतनी गर्म होती है की लंड मांगती है!!….इसलिए मुझे चोद बेटा!!” चाची मेरे मुँह पर हाथ रखते हुए बोली। उसके बाद तो दोस्तों मैं सब भूल गया। खूबसूरत गठीले जिस्म की मालकिन मेरी चाची बोली।उसके बाद मैंने उनका लाल भीगा पेटीकोट निचे खींच दिया और उनका ब्लाउस भी खोल कर निकाल दिया जो पूरी तरह से भीगा हुआ था। अब मेरी अल्टर छिनाल नंदिनी चाची मेरे सामने पूरी तरह से नंगी थी। उनका महकता और सफ़ेद दुधिया बदन मेरे सामने था। मैंने अपनी शर्ट पैंट निकाल फेकी। और अपनी बनियान और कच्छा भी निकाल दिया।मैंने चाची की चुदाई की शुरुवात उनके मस्त मस्त दूध से की। उसके मस्त मस्त ४०” के दूध को मैंने अपने हाथ में















