वो बोली कि महीने में करीब बीस दिन वो बाहर ही रहते है. मैंने नाश्ता किया और अपना बेग उठाकर में अपने ऑफिस के लिए जाने लगा. XXX Hindi कुछ देर बाद मैंने उन्हें सीधा लेटा दिया और अब में उनकी प्यासी गरम कामुक चूत पर आ गया.मैंने उसको सहलाना मसलना शुरू किया, जिसकी वजह से उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी और मेरे मुहं में उसका पानी आ रहा था और मेरा पूरा साथ दे रही थी, वो अब अपनी चुदाई के लिए तड़प रही थी. फिर मैंने हाँ में अपना सर हिलाया और उसके होंठो पर ज़ोरदार किस किया और उसको बेड पर लेटा दिया और हम अब 69 की पोज़िशन में आ गए.में उसकी चूत वो मेरा लंड चूसने लगी, करीब 15 मिनट के बाद उसने मेरा लंड चूसना छोड़ दिया और वो बोली कि प्लीज अब आ जाओ. अब वो मेरे लिए मेरे कहने पर तुरंत रसोईघर में चाय बनाने चली गई और में उसके फ्लेट की बालकनी में खड़ा रहकर सिगरेट पीने लगा.और कुछ देर में मेरे लिए चाय आ गयी, हमने साथ में चाय के मज़े लिए और तब तक 11 बज चुके थे, उसने बातों ही बातों में मुझसे कहा कि अब तुम अपने घर पर मत जाओ, आज रात को यहीं पर रूक जाओ और तुम कल सुबह तुम्हारे ऑफिस भी यहीं से चले जाना.मैंने















