गन्ने का जूस पीने के बाद मेने बाइक स्टार्ट करी और आगे चला गया और रेखा का इंतज़ार करने लगा.रेखा आई उसने लाल रंग की साड़ी, लाल रंग का ब्लाउज पहना हुआ था, आज काली ब्रा पहनी थी जो उसके कन्धों पर दिख रही थी, होंठों में लिपस्टिक भी लगायी हुयी थी, मैं समझ गया की उसने ये सब श्रृंगार मेरे लिए किया है, वो मेरे पास आई.रेखा- जूस पी लेता हूँ, उसका हाथकिया बुड्ढे को, उसने मारा नहीं मुझे, और अभी क्या काम है?? वैसे भी रोज दारु पीने के बाद रात में मुझे मारता है वो.मैं- इतना हरामी है क्या, चल आंटी वादा रहा तुझ से, आज से वो नहीं पिटेगा तुझे.रेखा- वो कैसे?मैं- मैं सबक सीखा दूंगा उसे.रेखा- ऐसा मत करना रे, उसे पता चल जायेगा. BFSex नाम क्या है तेरा बेटा?मैं- मेरा नाम अनुराग है आंटी. मार दिया रेरेरेरेरे… रहम कररररररर…. कल आता हूँ.रेखा- ठीक है बेटा, कल पक्का आना.और मैं रेखा को आँख मारकर वहां से चला जाता हूँ जिससे वो सकपका जाती है लेकिन एक मुस्कान भी देती है जो शर्म से भरी हुयी थी. अह्ह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फऔर मैं लण्ड अंदर बाहर करके चुदाई करने लगता हूँ, शुरू से ही तेज़ रफ़्तार से मैं चुदाई करता हूँ, रेखा बेहोश होने वाली होती है, वो सिसकारियाँ भरते हुए गिड़गिड़ाती है, मैं उसकी चुच्चियां अपने दोनों हाथों से मसलता हूँ.रेखा-















