सासू माँ के मोटे बूटों को रात भर चोदना

प्रतिमा को समझ नहीं आता वो उसे कैसे मनाये? दोनों माँ बेटे फिर से खाना खाने लगते हैं. XXX Hindi यह सोचकर प्रतिमा के पूरे बदन में कम्कम्पी सी होंने लगती है. अपनी माँ की सुन्दरता पर उसका मन मोहित होता जा रहा था.रिशु अपनी जगह से उठता है और अपनी माँ और जाता है. बेटे की हालत देख प्रतिमा की हंसी रोके नहीं रुक रही थी. ऊपर आराम से बैठो ना” प्रतिमा उसे प्यार से कहती है और कमरे की लाइट बुझा देती है और नाईट बल्ब को जला देती है. …… हाए मम्मी मैं दिन रात तुम्हारे साथ मस्ती करूँगा…… दिन रात……” रिशु अपनी उँगलियाँ अंडरवियर के होल से बाहर निकालता है और अपना हाथ अंडरवियर की इलास्टिक के अन्दर डाल देता है. पहली बार उसका बेटा उसकी नंगी चूत को छूने वाला था.“कैसा खेल मम्मी….” रिशु की उँगलियाँ अंडरवियर के होल से होती हुई चूत को स्पर्श करती हैं.“आहह्ह्हह्ह्ह्ह…. हालाँकि वो एक माँ बेटे का चुम्बन भी नही कहा जा सकता था मगर उस चुम्बन में रिशु ने सिर्फ और सिर्फ अपनी माँ का प्यार ही अनुभव किया था, इसके सिवा कुछ नहीं, इसके सिवा कुछ भी नहीं.प्रतिमा वापिस अपनी कुर्सी की और जाने लगती है और जैसे ही उसकी रिशु की और पीठ होती है तो रिशु उसके जाते जाते पीछे से उसकी गांड पर हाथ फेर देता है.

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