नहीं दीदी मुझे शर्म आ रही है।तनुजा- अरे पगली मैं किसी के सामने नंगी होने को नहीं बोल रही हूँ.. खुद देख लो। शाम को 6 बजे श्रेष्ठा मनीष सर के घर पहुँच जाती है।सर- अरे आओ आओ.. BFSex चूस जान, आज तेरी चूत का मुहूर्त है.. तुम पहली बार लौड़ा चूसने जा रही हो.. तभी इतनी बड़ी खेती निकल आई है.. चल, अब बता कल क्या-क्या किया और स्टोरी कैसी लगी?श्रेष्ठा इधर-उधर नज़रें घुमाने लगी।तनुजा- अरे इधर-उधर क्या देख रही है..? तू चूसती रह.. नुकीले 30″ के मम्मे.. असली है और सर के सिवा यहाँ कौन आ सकता था.. जो दिखने में एकदम असली जैसा दिख रहा था। लौड़े के साथ दो गोलियाँ भी थीं। श्रेष्ठा तो बस उसको देखती ही रह गई।तनुजा- क्यों बेबी कैसा लगा..? खुद देख लो। शाम को 6 बजे श्रेष्ठा मनीष सर के घर पहुँच जाती है।सर- अरे आओ आओ.. बाथरूम में… चल तू वहाँ कमोड पर बैठ जाना.. तेरी चूत को खोलने का वक्त आ गया है।श्रेष्ठा- हाँ दीदी.. जो दिखने में एकदम असली जैसा दिख रहा था। लौड़े के साथ दो गोलियाँ भी थीं। श्रेष्ठा तो बस उसको देखती ही रह गई।तनुजा- क्यों बेबी कैसा लगा..?















