आज़म के लंड से गाढ़ी मलाई निकल कर उस की बहन की चूत को भरने लगी. BFSex तब से साहिबा के दिल ही दिल में एक बग़ावत जनम लेने लगी थी. हाए एसा लग रहा कि जैसे मेरी जान निकल जाएगी…….. इसलिए साहिबा अपनी शादी की रात तक बिल्कुल कंवारी थी.शादी के बाद साहिबा सुहाग रात को अपने रूम में सजी सँवरी बैठी थी. ज्यूँ ही साहिबा अपने रूम के पास पहुँची तो उसे अपने रूम से अजीब सी आवाज़े सुनाई दी. बल्कि मे अपने सगे भाई….. और उन दोनो ने अपनी चुदाई फॉरन रोक दी. उस फ्लॅट में एक बेड रूम वित अटेच्ड बाथरूम था.जिस के साथ एक छोटा सा किचन और लिविंग रूम था. नही ये दुबारा नही हो सकता. उपर से नीचे तक साहिबा अपने भाई के लंड को मुट्ठी में भर कर निचोड़ रही थी.अब आज़म ने अपने हाथ से साहिबा के मम्मे को मसलने शुरू कर दिए, जितना ज़ोर से वो साहिबा के मम्मे को मसलता उतने ही ज़ोर से उस की बहन साहिबा उस के लंड को पकड़ कर खींचती और दबाती. जो कि आज़म की ज़रूरत के हिसाब से काफ़ी था.अब आज़म के अपनी बहन साहिबा के हॉस्पिटल में जॉब करने की वजह से साहिबा को एक सहूलियत ये हो गई.















