कुछ देर बाद दीदी की ब्रा नीचे करके वो उसकी चूचियों को चूमने लगी और दबाने भी लगी।दोनों एक-दूसरे की चूचियों को मसल ही रही थी.. मैं तो सम्भल जाऊँगा.. XXX BF कुछ देर चुम्बन करने के बाद हम अलग हुए।बबिता- अब आगे दीदी के साथ मजा करो.. जब तक मैं झड़ नहीं गया और झड़ कर हम तीनों बिस्तर पर एक साथ लेट गए।सविता- क्या बात है आज बबिता की जबरदस्त चुदाई हो गई।बबिता- आप को भी तो आज मजा आया होगा.. और कोई रास्ता भी तो नहीं है।मैं- एक रास्ता है।सविता- क्या?मैं- दोनों के ऑफिस जाने के बाद..सविता- लेकिन बबिता तो रहेगी ना..मैं- उसको भी बाहर भेज दूँगा.. सो बबिता ने उसकी गाण्ड के मुँह पर लंड रखा.. उस कमरे में 5-5 कैमरे लगा हुए हैं.. क्योंकि बता नहीं सकता.. पहले चूतड़ों को चुम्बन करने लगा और दबाने लगा।फिर उसके एक पैर को बिस्तर पर रख दिया और अपने लंड के सुपारे को फिर से उसकी चूत के मुँह पर लगाया और अन्दर तक पेल दिया। अब तो मेरा लंड बड़ी आसानी से अन्दर चला गया.. मेरे मिलने से पहले छोटी-छोटी टेनिस की गेंद जैसे आकार की थीं।लेकिन मेरे मिलने के बाद तो फुटबाल सी हो गई हैं तो मसाज भी बड़ी आसानी से हो रही थी और मुझे मजा भी आ रहा था। फिर मैं पीछे को मुड़ गया..















