आप यहाँ पे नहाने आए हैं नहीं की चूचे देखने।मेरी हिम्मत थोड़ी खुल गई- “भाभी, अभी ऐसा दिखेगा तो कोई भला नहाने में टाइम बरबाद क्यों करेगा?”भाभी- ठीक है फिर देखो। लेकिन वो तो नहाते हुए भी तो देख सकते हो तुम।ये आइडिया मुझे अच्छा लगा। लेकिन तकलीफ ये थी की पानी में कैसे जाऊँ। क्योंकी मेरा लण्ड बैठने का नाम नहीं ले रहा था।तभी भाभी ने बोला- सोच क्या रहे हो कपड़े निकालो और कूद पड़ो पनी में।मैं- “ठीक है भाभी…” कहकर मैंने भी शर्म छोड़ दी, जो होगा देखा जाएगा।सोचकर मैंने अपना शर्ट और पैंट उतार दिया। अब मैं सिर्फ फ्रेंच कट निक्कर में ही था। उसमें से मेरा 8″ इंच का लण्ड साफ दिख रहा था। वो भी उठा हुआ। लण्ड का टोपा निक्कर की किनारी से थोड़ा ऊपर आ गया था तो वो सभी औरतों को भी दिखा, तो भाभी और सभी औरतें मुझे घूरने लगी।भाभी- देवरजी, ये क्या तंबू बना रखा है अपनी निक्कर में?मैं- क्या करूं भाभी, आप सभी ने तो मेरी हालत खराब कर दी है।भाभी- भाई साहब, आप मेरा नाम क्यों ले रहे हो, मैंने तो अभी कपड़े उतरे भी नहीं।मैं- “हाँ, वही तो अफसोस है…” और मैं हँसने लगा।भाभी- लगता है आपकी शादी जल्द ही करनी पड़ेगी।सभी औरतें हँसने लगी। और मैं पानी में चला गया। मुझे वहाँ पे बड़ा मजा आ रहा










