लेकिन ध्यान से!मैं अपने लंड को हाथ में थाम कर बुर पर रगड़ने लगा.. कहने लगा..आंटी बोली- रुको मुझे मूतना है !“तो मूतिये आंटी जी! XXXBF गांड दोनों.. यह चुदने की आवाज़ थी… यह आवाज़ योनि और लिंग के संगम की थी.. चोद लिया… गरिमा.. मेरा लंड लो.. मेरी क्लास की शिवांगी की कुंवारी चूत और मीता के काली किन्तु रसदार चूत। लेकिन ऐसा सुंदर चूत तो पहली बार देखी थी।आंटी, आपकी चूत तो अति सुंदर है, मैं इसकी पूजा करना चाहता हूँ.. भग्नासा करीब १ इंच लम्बी होगी। वैसे तो मैंने छुप छुप कर स्कूल के बाथरूम में सौ से अधिक चूत के दर्शन किए होंगे. आंटी सिसकारियाँ लेती रही और मैं उनकी बूर को चूसता रहा जैसे कोई लॉलीपोप हो..मैं आनंद-विभोर होकर कहते जा रहा था- वाह रसगुल्ले सरीखी बुर! चूत देवी की जय! यह तो मेरे लिए प्रसाद है, चूतामृत यानि बुर का अमृत!”आंटी खड़ी हो कर मूतने लगी, मैं झुक कर उनका मूत पीने लगा। मूत से मेरा चेहरा भीग गया था। उसके बाद आंटी की आज्ञा से मैंने उनकी योनि का स्वाद चखा। उनकी चिकनी चूत को पहले चाटने लगा और फिर जीभ से अंदर का नमकीन पानी पीने लगा.. गांड दोनों.. बुर.. फिर मैंने सम्भोग की इज़ाज़त मांगी!आंटी ने कहा- चोद ले..















