मुझे वो ख़ुशी नहीं मिली जो मुझे चाहिए थी.आज मैं आपको अपनी बात परत दर परत बताउंगी, की कैसे मैंने ये कदम रख, दोस्तों आपको लगता होगा की मैं बदचलन हु, मुझे दूसरे मर्दों से सेक्स का रिश्ता कायम नहीं करनी चाहिए, मुझे भी यही लगता था, पर क्या करती इस धरती पर क्या मेरा ये जन्म बेकार जायेगा.क्या मेरे नसीब में वही है जो मुझे नहीं चाहिए, क्या मुझे जो चाहिए उसका मैं नाम भी ना लु, और अपने मन को मार कर ज़िंदगी काट दू, हां मेरे जो दोनों बच्चे है वो मेरे पति से है. मेरे हस्बैंड एक सरकारी नौकरी करते थे और मैं घर और बच्चों का देखभाल करती थी. XXX BF तो भानु ने कहा क्यों भाभी मेरा बर्दास्त होता, मैं तो जाट मुंडा हु, मैं भी अपना टाइम खराब नहीं करते हुए कह दिया. मैं हमेशा तरसती रही.पति जब मुझे सेक्स करता था, मैं वाइल्ड हो जाती थी, मुझे लगता था की मेरे पति मुझे अपनी आगोश में भर ले, मेरी चूचियों को दबाते रहे मेरे होठ को चूस ले, मेरे चूत की रस को चाट ले, मुझे वो करे जो मुझे पसंद हो और मेरे शरीर का रोम रोम सिहर जाये, मेरे मुंह से आह निकल जाये, क्यों की मेरी जवानी बड़ी ही मदहोश करने बाली थी.मेरे शरीर का बनावट एक परफेक्ट सेक्सी औरत का था, मेरी










