शांत होने के बाद काजल बोली- आप चिन्ता ना करो, आजकल में ही मैं आपको मेरी और विवेक की चुदाई का लाइव टेलीकास्ट दिखाती हूँ और फिर जल्दी ही आपकी चुत के लिए भी एक मोटे लम्बे लंड का इंतजाम करती हूँ.“मुझे नहीं चाहिए किसी का लंड… इस उम्र में बदनाम करवाएगी क्या कमीनी…”“चिन्ता ना करो माँ जी… बदनामी नहीं होने दूँगी आपकी… आपके लिए ऐसा लंड देखूँगी जिसमे बदनामी का कोई डर ना हो…” कह कर काजल उठ कर अपने कमरे में चली गई।सुनीता अभी भी बेड पर नंगी पड़ी अपने चुचे मसलते हुए सोच रही थी कि क्या उसकी बहू सच में उसके लिए लंड का इंतजाम करेगी? XXXBF सुनीता तो शायद मान भी जाए पर विवेक का मानना मुश्किल लग रहा था। सारा दिन अब काजल के दिमाग में बस यही सब घूमता रहता।दिन रात अब वो इसी प्लानिंग में लगी रहती कि कैसे वो सुनीता की चुत विवेक के लंड से चुदवाये। इसी प्लानिंग के तहत उसने विवेक को भी दो तीन बार माँ बेटे की चुदाई की कहानियाँ पढ़वाई। अब अक्सर वो विवेक के सामने सुनीता की बातें करने लगी थी। जैसे कि मम्मी जी इस उम्र में भी कितनी मस्त है, कड़क है, सेक्सी है इत्यादि इत्यादि।एक दिन दोनों चुदाई करने के बाद साथ साथ लेटे हुए थे तो काजल ने फिर से सुनीता की बात छेड़















