सूरज ने साफ साफ बिना किसी संकोच के पुच लिया. BF XXX सूरज ने साफ साफ बिना किसी संकोच के पुच लिया. अभी तक तो मेरे हसबैंड पंकज ही मेरे स्तन पीते आ रहे थे. मैंने खुद को सूरज को सौंप दिया. उसने कहा की उसका स्टोर खाली है. नन्दोई बोले. मेरी खुली पीठ को वो चूमने चाटने लगे. ऐसी ही एक शाम को मैं पल्लवी के पास अस्पताल में बैठी थी. आँख खोलो, आँख खोलो! वहीँ पल्लवी तो बड़ी बोरिंग नेचर की लड़की है. तो इस तरह दोस्तों ससुराल में मेरा दिल खूब लगने लगाजब शुरु शुरू में मैं शादी के बाद ससुराल आई थी तो मैं बहुत डर रही थी.मैं यही सोच रही थी की कहीं वो सब परिवार वाले बुरे न हों कहीं मुझको गलियां न मिल जाए. ननदोई पर चुदाई की ऐसी वासना सवार हुई ही मुझे हर जगह चूमने चाटने लगे. साफ साफ बता देती हूँ की मैं अपने ननदोई सूरज से चुदवाना चाहती थी. ननदोई ने उसके हाथ में एक १०० का नोट रखा. फिर कपड़े पर कर मैं उनके साथ निचे आ गयी. उसने कहा की उसका स्टोर खाली है. वो कैन्टीन वाले के पास गए. मैं भी उनको ताड़ने लगी.यही रुको, मैं एक सेकंड में आ रहा हूँ ननदोई बोले.










