मैंने बेड को हिलते हुए महसूस किया. XXX BF में नर्वस हो बहुत बेचैन महसूस कर रही थी की पता नहीं वो अब क्या कहेंगी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.“कामना तुम एक दम एकदम अपनी माँ की तरह रंडी हो.” वो गुर्राते हुए बोली.इतना सुन चाचाजी का चेहरे सफ़ेद पड़ गया. मेरे बाल गीले थे और में अपनी टांगो को एक दूसरे पे चढ़ा चाचाजी के सामने बैठी उनकी बात सुन रही थी.“खैर कामना अब तुम कोई एक नादान बच्ची नहीं हो. याद है राकेश इसकी माँ इसी तरह मेरी चूत को चाटा और चूसा करती थी.” कहकर चाची ने और जोर से मेरे सर को अपनी चूत पे दबा दिया.“हाँ डार्लिंग मुझे अच्छी तरह याद है.” चाचा ने जोर के धक्के मारते हुए कहा.में अब जोर से चाची की चूत को चूस रही थी. में बिस्तर का कोना पकड़ घोड़ी बन गयी. कहावत है की जो होता है वो ऊपर वाले की मर्ज़ी से होता है. में अपनी जीभ को नुकीली कर चाची की चूत में अंदर तक डाल देती और फिर अंदर बाहर करने लगती. हमारे परिवारमेरे चाचा चाची के अलावा और कोई करीब का रिश्तेदार नहीं था. पता नहीं कैसे मेरे मुंह से इतनी गन्दी बातें निकल रही थी जैसे “हाँ चोदिये मुझे अपना पूरा लंड मेरी गांड में डाल दीजिये चोद चोद के मुझे अपने















