मै हाल मे आकर देखा तो ये हर्षिता थी और मुझे देखते ही पलट कर आंसू पोछ कर झूठी मुस्कान के साथ बोली की क्या हुआ नींद नही आ रही हमारे मधु के बिना.मैने भी मज़ाक मे कह दिया की तो आप आ जाइए सुलाने मधु की तरह. XXX BF मुझे अंदर से एक गर्म लावे का अनुभव हुआ और मेरे लॅंड ने भी उसी पल अपनी बरसात अंदर ही कर दी. मेरी उम्र 39 और फिगर 34-28-38 है. मैने फिर से जगह बदली और उसके एक टाँग को अपने एक हाथ पे उठा कर दुगनी रफ़्तार से चोदने लगा.मै चाहता था की जिस चरमसुख की हर्षिता को तलाश है उसमे हम दोनो एक साथ स्खलित हो. उसके तप्त जिहवा का स्पर्श मात्र मुझे संसार की सर्वोतम सुख देने को काफ़ी थी.मैने चुत के फाको को फैलाया और और जीभ को अंतरंग गहराइयो मे घुसते हुए उसकी चुत को जीभ सख़्त करके चोदने लगा. जो अब सबसे महत्वपूर्ण है.मुझे 5 दिन का काम था, पर मै काम 3 दिन मे ही निपटा कर एक दो दिन ससुराल मे विशेषकर हर्षिता के स्वादिष्ट पकवानो का मज़ा लेते हुए बिताना चाहता था. चुत और लंड के टकराने से एक मद्धम संगीत निकल रहा था जो इस कामुकता मे और चार चाँद लगा रहा था.उस पर कामुक आहे आग लगा रही थी.















