रात ज्यादा हो गया था मैंने कहा ठीक है उर्मिला मैं चलता हु, कल संडे है देर तक सोऊंगा. XXX BF इस तरह से दोनों चूचियों को बारी बारी से पिलाई.वो इस्स्स्सस इस्स्स्सस ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आआह आअह आअह आई लव यू जीजा जी, मैं आपके बिना नहीं रह पाऊँगी, मैं कब से आपसे मिलन चाहती थी, पर मौक़ा ही नहीं मिला, आअह आअह मेरे राजा चूस लो अपनी साली को, आज से मैं आपकी बीवी जैसी हु जो चाहो कर लो, मेरी आत्मा को और वासना को तृप्त कर दो, ऐसा मौक़ा बार बार नहीं मिलेगा हाय मेरी जान.फिर मैंने उसके पाजामा को खोल दिया और मैंने भी, वो रेड कलर की पेंटी में थी, मैंने पेंटी में हाथ डाली तो उर्मिला का बूर भभक रहा था, ऐसा लग रहा था की कोयले की भठ्ठी हो, गरम हो चुका था और पानी छोड़ रही थी, मैंने ऊँगली घुसाने की कोशिश की तो बोली नहीं, आप लंड घुसाओ.मैंने फिर ऊपर गया और किश करने लगा बाल मैंने उसके खोल दिए हाथ ऊपर किया तो उसके कांख के काले काले बाल गजब के दिख रहे थे गोर गोर शरीर पे, मैंने उसके कांख को चाटना सुरु किया पर वो बार बार सिहर रही थी.















