तुम तो ऐसे ही मुझे इतना प्यार करते हो…”बात मजाक में कही गई थी लेकिन शाहिद की आँखों के सामने ये दृश्य चलने लगा की कैसे शाजिया खाना खिलाते वक़्त झुक रही थी बार-बार वो अकेला बैठकर टीवी देख रहा था लेकिन उसकी आँखों के सामने ये दृश्य चल रहा था की शंभू के सामने झुकने पे शाजिया का आँचल उड़ गया और वो हड़बड़ा कर शंभू पे गिर पड़ी थी, और शंभू उसकी चूचियों को मसलने और चूसने लगा।अपनी हसीन बीवी का उस बूढ़े मर्द के साथ ये बात सोचकर शाहिद का लण्ड टाइट हो रहा था। वो खाना खाती हुई शाजिया को गौर से देखने लगा और सोचने करने लगा की कैसे शंभू उसके चिकने जिश्म को मसल रहा है, और कैसे शाजिया उस बूढ़े आदमी के साथ मस्ती कर रही है।सोने जाते वक़्त शाजिया अपने सारे कपड़े उतार दी और नाइट सूट पहनकर सोने आ गई। उसे गुस्सा आ रहा था की उसकी इतनी मेहनत बेकार गई। कितने जतन से वो सजी थी, ताकी शंभू उसे देखकर अच्छा महसूस कर पाए लेकिन उसने देखा तक नहीं उसे लगा था की शाजिया को इस तरह अच्छे से देखकर उसे आराम मिलेगा।लेकिन उसे क्या पता था की यहाँ तो शंभू किसी तरह खुद पे काबू किए रहा, लेकिन रूम में जाते ही वो नंगा हुआ और शाजिया का नाम जप्ते हुए















