मैंने दोनों पैरों को फैलाया, चूत पर थोड़े थोड़े बाल थे. BFSex मैंने पहले अपने जीभ से चाटा उसकी नमकीन पानी को खूब चाट चाट कर साफ़ कर दिया, उसके निप्पल एकदम खड़े हो गए थे.फिर मैंने अपना आठ इंच का लंड उसके चूत पर रखा तो उसकी सिसकियाँ शुरू हो गई. मुझे तो अकेले अजीब लग रहा है.मैंने कहा बबिता तुम चाहो तो आज यहाँ रह जाना रात में. और भाभी जी को हो सकता है ठीक ना लगे. वो शाम के करीब ७ बजे ही आ गयी थी. तो वो बोली नहीं नहीं मुझे सरम आ रही है. फिर मैंने अपना हाथ उसके बूब्स पे रखा वो सिहर गई.वो बोली मैंने आजतक कभी ये सब नहीं किया है.मैंने कहा कभी ना कभी तो तुम्हे करना ही है तो देर किस बात का जवानी को एन्जॉय करो और उसने भी मुझे अपनी बाहों में ले लिया और मुझे चूमने लगी. मैंने कहा बबिता तुम बिना दुपट्टे के ही अच्छी लगती हो हटा दो.तो वो बोली नहीं भैया आजकल ज़माना ख़राब है मम्मी कहती है की दुपट्टे से हमेशा ढक कर हमेशा अपने इज्जत को रखनी चाहिए. दोस्तों पूरी रात मैंने बबिता को चोदा सच बताता हु मुझे बबिता से प्यार हो गया है.















