बुआ आ ऊ आ ऊ प्रेम और करो मेरी जिस्म की आग को शांत करो.. XXX Hindi ऐसा कह रही थी बुआ मूझे चाची आँखे फाड़कर देख रही थी बुआ कितनी गरम है करके..धीरे धीरे करके बुआ को पूरे कपडे निकाल दिए बुआ बहुत तड़प रही थी.. इधर मेरा 8 इंच का लंड अंडरवियर के बाहर आ रहा था तड़पने लगा था..बुआ को धीरे धीरे मालिश करते समय उनकी साड़ी ही निकल गयी और वो बहुत अच्छे से साथ दे रही थी मेरा.. चाची बोली अभी मालिश कर लो रात को नींद और दर्द कम हो जाएगा सुबह तक.. इस कहानी में मेरे चाची ने सहयोग किया की बुआ की जिस्म की आग ठंडी कर ले करके..अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- ज़ब घर आया दोनों बाते कर रही थी और थोड़ा फ्रेश होकर टीवी देख रहे थे.. फिर और लाइट चली गयी अक्सर गांव में ज्यादा लोड शटिंग रहती है..बुआ ने बताया की हमेशा का है लाइट जाना.. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.मूझे डर लग रहा था और मैं समझ गया की चाची क्या चाहती थी.. मैंने बुआ को पूछा कहा लगाना है तेल उन्होंने कहा घुटने के ऊपर और निचे भी..















