चाची से गुलाबी रंग की पेंटी पहनी हुई थी. चोदने लायक मस्त कडक माल थी.उनकी मैं क्या तारीफ़ करू. XXX BF ‘टिकट??’ टीटी बोला.मैंने टिकट दिखाए. तू तो बड़ी अच्छी गांड मारता है’ चाची बोली. मेरी चाची बहुत ही खूबसूरत थी. उनको कैसे कब चोदना था ये बात मैं नहीं जानता था. निपल्स के चारों तरह काले काले गोल गोल घेरे थे जो मेरे लंड को पुकार रहे थे. भावना चाची का ब्लाउस पता नही कैसे उपर चढ़ गया था और उनकी दाहिनी चूची बिलकुल बाहर निकल आई थी. और मुझे अपने होंठ पिलाने लगी.मेरा हाथ अब खुले तौर पर उनकी छातियों पर चला गया. आज जी भरके अपनी गांड चुदाई करवा ले. चाची का कामुक बदन मेरी चाची श्रीमती भावना देवी और मैं गंगा सागर की यात्रा पर निकले थे. दोस्तों, अगले दिन पुरे १८ घंटों की यात्रा करके मैं अपनी प्यारी चुदक्कड़ चाची को लेकर गंगा सागर पहुच गया. तुम तनिक भी फिकर मत करो!! कुछ देर में इंजन से सीटी दी और ट्रेन चल पड़ी.‘अर्जुन बेटा!! फिर वो बहुत जादा चुदासी हो गयी. जहाँ पड़ता मेरी पाँचों उँगलियाँ छप जाती. चलती ट्रेन में चाची चुदने लगी.फिर कुछ समय बाद मैं लंड निकाल लिया और उनकी सावली पर बहुत ही मीठी चूत के उपर अपना माल गिरा दिया.















