दादी बोली मयंक क्या फिर से तुम अपने दोस्त की दादी को चोदना चाहते हो. यह सुनकर मैं फिर से उनके चूत में अपना लंड पेलने लगा. XXX Hindi मैं मन ही मन बहुत खुश हुआ. रात को खाना खाने के बाद हम लोग बड़े कमरे में सो गए.मेरे बगल में दादी और दादी के बगल में माँ और माँ के बगल में माधुरी (दोस्त की बहन) सोयी थी. दादी इस हरकत से न जगी न हिली डूली. उनकी खुली हुई चूत और चूची मुझे दुनिया की सबसे सुन्दर नज़र आ रही थी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.उनकी इस हरकत के कारण मुझे नींद नहीं आ रही थी. अभी तक लाइट नहीं आयी थी. करीब 11:30 बजे मेरी नींद खुल और मैं पेशाब करके वापस अपनी जगह सो गया. दादी बोली बेटा मेरी बहु यानि की तुम्हारे दोस्त की माँ की चूत की प्यास बुझानी है. उनकी टांगे बिलकुल नंगी थी. माँ बेटी की बड़े बड़े गोल गोल बूब्स और मोटे मोटे चूतड़ है. डर के मारे मैंने झट से अपना हाथ उनकी चूत से हटा लिया. और सादर स्वागत करते हुवे मेरे ठहरने का इंतजाम किया.उनका 2 कमरों का मकान था. अचानक मैंने उसकी चूतड़ को पकड़ लिया मेरे चूतड़ पकड़ते ही वो डर गयी और मेरे लंड से उतरने की कोशिश करती हुयी बोली मयंक आई ऍम




