ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.सोचने लगा कि यदि मेरे को उसने मोना के साथ देखा होता तो अभी घर में इतनी शांति नहीं होती, न ही मैं चैन की साँस ले पा रहा होता! XXX Hindi खैर जान बची तो लाखों पाए, लौट के बुद्धू घर को आये!अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- एक हाथ से उसके अमृत कलशों को मसलते हुए, उन्हें चूमते चाटते, अपने लंड को ज्यादा से ज्यादा उसकी चिकनी गीली चूत के अन्दर पेल रहा था!वो अपनी गांड को उठाकर चुदाई में मेरी बीवी की तरह मेरा पूरा सहयोग कर रही थी, जल्द ही वो चरम पर पहुँच गई। जैसे ही वो स्खलित हुई मैंने उसका मुँह हाथ से दबाकर बंद कर लिया, तुरंत बाद ही मेरे लंड ने भी वीर्य की पिचकारी छोड़ दी। पांच मिनट तक हम दोनों एक दूसरे से लिपटे हुए एक दूसरे के आगोश में पूरे समर्पण के साथ खो गए!मैंने महसूस किया वाकई इसका जिस्म बिल्कुल मेरी बीवी की तरह ही है यानि मेरा अनुमान सही निकला! वो मेरे लंड को सहलाते हुए चूम रही थी, उसकी सिसकारियाँ बढ़ती जा रही थी.मैं नहीं चाहता था कि उसकी स्वर ध्वनियाँ और तेज होकर मेरी बीवी की नीद में खलल डाले!















