जब अंकल का लंड पूरा मुरझा गया तब माँ के साइड मे लुढक गये. माँ पूरी पसीने पसीने हो गयी थी. XXX Hindi वहा ड्रा मे से मैंने कोलगेट निकाली तभी मेरी नज़र नीचे के ड्रॉ मे पड़ी. अंकल माँ को अपनी बाहों मे भिचने लगे.माँ मायूस आवाज़ मे- छोड़िये ना ये आप क्या कर रहे है.अंकल माँ को नीचे कर खुद माँ के उपर आ गये. माँ बोतल रख जाने लगी. और वहा से चली गयी.माँ बहुत खुस नज़र आ रही थी. माँ कसमसा रही थी. थोड़ी देर तक हम बाते करते रहे माँ बाहर आई.माँ-खाना परोस दू.मैं- हाँ माँ बहुत भूख लग रही है मैं और अंकल साथ मे खा लेगे.अंकल-बेटा तुम खा लो मैं बाद मैं खा लुगा. माँ एक दुल्हन की तरह बैठी थी.अंकल- समधन जी आज मैं बहुत खुस हूँ कहते हुए अंकल ने माँ का घूँघट उपर किया.अंकल– सच्ची आज आप अप्सरा लग रही है माँ शर्मा गयी.माँ ने ग्लास उठाया और अंकल की और करने लगी. काम करने के बाद माँ ने मेरा दरवाजा खटखटाया लकिन मैने कोई रेस्पोन्स नहीं दिया तो माँ को लगा की मैं सो गया हूँ.















