Devar Bhabhi Sambhog Kahani23-24 की होगी उस टाइम पे वो काफ़ी हँसी-मज़ाक भी करती रहती थी. BFSex ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.तभी उनका बदन फिर ऐंठ गया और चूत की चीकक्नई अंदर से बढ़ गयी मैं समझ गया कि वो चर्म सुख की ओर बढ़ गयी है उसी पल मुझे मेरे शरीर मे तनाव महसूस हुआ लगा सारे शरीर का खून एक जगह जमा हो गया है और भाभी के मादक बदन से चिपकते हुए मेने अपना वीर्य उनकी चूत मे छोड़ दिया और उनके उपर लेटे लेटे ही हाँफने लगा वो मेरी ओर देख के मुस्कुराइ और मेरे होटो को चूम लिया.फिर वो बाहर सुसू करने चली गयी और मैं पलंग पे लेट गया थोड़ी देर बाद वो भी आकर मेरे पास ही लेट गयी रज़ाई के अंदर हमारे जिस्म क़ैद हो गये थे भाभी टेढ़ी होकर लेटी हुई थी मैं भी उनसे चिपक गया मेरा लंड उनके कुल्हो से टकराता हुआ जाँघो के बीच मे फँस गया और मैने उनकी चूची को हल्के हल्के सहलाना शुरू कर दिया.वो बोली के क्या हुआ मन नही भरा क्या तुम्हारा तो मैं बोला भाभी ये प्यास इतनी आसानी से नही मिटने वाली और चूची को कसकर भींच दिया तो उनके मूह से एक दर्द भरी कराह निकल गयी वो मेरी ओर गुस्से से देखते हुए बोली थोड़ा धीरे















