रोज चूत मारता होगा इस झकास माल की’ मैंने सोचा.‘साधना! BF XXX कोई रंडी , कोई छिनाल मत समझना’ सचिन भरी गले से बोला.‘सचिन! चल कपड़े पहन ले. मेरा दिल पिघल गया. साधना मजबूर थी.उसकी अपने पति की नौकरी बचाने थी. साधना सर को अपने हाथों से जाम पिलाने लगी. मैं साधना के नीले नीले होंठो को पीने लगा. गोरे गोरे हाथ. साधना की नशीली नाभि से उसकी चूत तक हल्के हल्के रेशमी बालों की कतार जा रही थी. ये सब देखकर मेरा लौड़ा फिर से खड़ा हो गया. इतना ही नही हमारे कम्पनी के हेड मेनेजर भी उसकी बीबी को एक रात को लिए चोदेंगे तब जाकर सचिन की नौकरी बच पाएगी. साधना ये झाटों की मोर पंखी किसने बनायीं??” मैं आश्चर्य से पूछा.‘सर! बड़ी बड़ी चमत्कार काली काली पुतलियाँ. मैं उसको अपनी कार से हेड सर के बंगले पर ले गया था. साधना के पिछवाड़े पर हाथ लगा दिया और सहलाने लगे. इसलिए मुझे तुमको निकालना ही होगा!’ मैंने कहा.ये सुनते ही वो जोर जोर से फूट फूट कर रोने लगा. बाजारू रंडी की तरह इस छिनाल को चोद!! एक रात मैं इसे चोदूंगा. मेरा दिल पिघल गया. इसलिए आज मेरी बीबी को प्यार से चोदना. मैंने कहा.श्री मोहन अग्रवाल मुस्कुरा दिए. वो जान पाई की उसके साथ क्या हो रहा है.















