अ अ अ अ अ…आहा …हा हा हा” की आवाज निकल जाती। मै उसका सिर पकड़ कर अपनी चूत में घुसाने लगती। उसने मेरी चूत में अपनी दो उंगलियां डाल कर मुठ मारने लगा। धीऱे धीऱे उंगलियों की संख्या बढ़ाकर मुठ मारने लगा।मेरी चूत से अपना पूरा हाथ गीला करके चाटने लगा। उसके बाद उसने अपना लौड़ा मेरी चूत पर रगड कर तड़पाने लगा। मै अपने उंगलियो से चूत को मसलने लगी। मुझे अब बर्दाश्त नहीं हो पा रहा था। मै अपना सर सोफे पर पटक रही थी। सोफे को हाथो से दबा रही थी। आखिरकर वो पल आ ही गया जब मुझे उसका लंड चूत के द्वार पर लगा दिया।एक ही झटके में आधे से ज्यादा लौड़ा घुस गया। मै जोर से “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ….ऊँ ऊँ ऊँ….ऊँ सी सी सी सी…हा हा हा….ओ हो हो….” चिल्ला उठी। अपने लौड़े से उतनी ही चूत चोदना शुरू किया। अंदर बाहर करके मुझे चोद रहा था। बहुत ही वजन था उसका शरीर। मै दबी हुई थी। घच घच अपना लौड़ा मेरी चूत में उचक उचक कर डाल डाल कर चोद रहा था।मुझे बहुत मजा आ रहा था। पहली बार मुझे ऐसी चुदाई करने को मिल रही थी। मुझे आज जिंदगी का सबसे हसीं पल मिल रहा था। मै भी कोई कम थोडी न थी। मैं भी अपनी कमर को उछाल उछाल कर चुदवा















