मैंने उसकी दोनों बाहें पकड़ी और अपने लंड को उसके चूत में धक्के लगा शुरू कर दिया. मैंने पानी से अच्छे से उसके गांड में लगे पैखाने को अपने हाथ से साफ़ किया. BFSex लपक कर मेरी शर्ट और जींस खोल दी.अब मै सिर्फ अंडरवियर में था. चाची ने तुरन अपने साड़ी का पल्लू मेरे लंड पर लपेटा. लगे हाथ उसने अपना ब्रा भी खोल दिया. मैंने उसके जीभ को चाटते हुए ही एक झटके में अपना लंड उसके चूत में पूरा डाल दिया. अब से तू मेरा दुसरा पति है.मैंने – हाँ रवीना. तू तो अब मेरी जान बन गयी है. मेरे होठ उसके होठ चूम रहे थे. अभी तो सिर्फ एक दुसरे को किस कर रहे हैं ना. अभी तो सिर्फ एक दुसरे को किस कर रहे हैं ना. निकाल रे.लेकिन मै जानता था कि ये कम रंडी नहीं है. सिनेमा हाल ऐसे जगह के लिए बेस्ट है. उन्होंने कहा कि वो दुबई पहुँच गए हैं. चाची मेरे लंड को सहलाने लगी. अभी तो फिल्म ख़त्म भी नहीं हुई है.चाची – नहीं, अभी चलो, मुझे काम है तुमसे.मैंने – क्या काम है मुझसे?चाची- वही. अगले शनिवार को सुबह हम तीनो ट्रेन से कलकत्ता के लिए रवाना हुए. मैंने मज़े ले ले कर उसके नंगी चूची को सिनेमा हाल में ही दबाना चालू कर दिया.मै जो चाहता था वो मुझे करने दे















