अभी तो खेल बांकी है। अब जरा मुझे चोदिये तो सही।मैं बोला- क्या अभी भी कुछ बांकी है? भाभी अक्सर मेरे साथ ऐसा करती थी।मैंने कहा- भाभी कल रात को कुछ गजब हो गया, आज तक मेरे साथ ऐसा नहीं हुआ था।भाभी ने पूछा- क्या हुआ?मैंने कहा- कल रात को मेरे लण्ड से कुछ सफ़ेद सफ़ेद निकल गया, मुझे लगता है कि मुझे डाक्टर के पास जाना होगा।भाभी ने मुस्कुरा के पूछा- अपने आप निकल गया?मैंने कहा- नहीं ! XXX BF अब क्या करुँ?भाभी बोली- मेरे बुध्धू राजा बाबू ! लगता है कि मुझे देखना होगा।भाभी ने अपना हाथ मेरे लण्ड के ऊपर रख दिया तथा धीरे धीरे इसे दबाने लगी। इससे मेरे लण्ड खड़ा होने लगा।भाभी बोली- जरा दिखाइए तो सही !मैं कुछ नहीं बोला। मैंने धीरे से अपने पैन्ट का बटन खोल दिया। भाभी ने मेरे पैन्ट को नीचे की ओर खींचा और उसे पूरी तरह उतार दिया। अब मैं सिर्फ़ अंडरवियर में था।भाभी अंडरवियर के ऊपर से ही मेरा लण्ड को सहला रही थी, बोली- क्या इसी से कल रात को सफ़ेद सफ़ेद निकला था?मैंने कहा- हाँ !भाभी ने कहा- अंडरवियर खोलिए !मैंने कहा- क्या भाभी जी !















