ये क्या कर रहे हैं आप? छोड़िये मुझे.” और मैंने अंकल को अपने ऊपर से हटाया और जल्दी से अपने रूम में आ गयी.मैं बहुत अजीब फील कर रही थी उस टाइम. उनके होटों के स्पर्श अब मुझे जलने लगे. XXX Hindi कुछ देर तक वो धीरे धीरे धक्के देते रहे लेकिन फिर उन्होंने फ्रीक्वेंसी बढ़ा दी.और मैं तो उनके झटको से पूरी की पूरी हिल रही थी. कुछ देर तक वो धीरे धीरे धक्के देते रहे लेकिन फिर उन्होंने फ्रीक्वेंसी बढ़ा दी.और मैं तो उनके झटको से पूरी की पूरी हिल रही थी. सो मैंने वहां बैठना ही सही समझा. एक दिन मैं कॉलेज से लौटी तो खाना खाते वक़्त आंटी मेरे पास आयी और बोली “बेटा मुझे कुछ दिनों के लिए गोरखपुर जाना पड़ेगा क्योंकि मेरे भाई की तबियत जरा ख़राब है. उस दिन रात को मैं खाना बना लेने के बाद फ्रेश होने चली गयी और अंकल को कह के गयी की आप रेडी हो जाइए मैं 10मिनट में आती हु फिर डिनर करेंगे. तो मुझे हंसी आ गयी और मैं कहा “डोंट वरी मैं किसी से नहीं कहूँगी”. सो मैंने वहां बैठना ही सही समझा. बस अब क्या था अंकल को वो मिल गया जिसका वो वेट कर रहे थे.ख़ुशी से भर के अंकल ने मुझे एक लम्बा सा लिप किश किया जिससे मेरा सर शरीर झनझना गया.















