मालिक आप कब आये ? XXX BF अरे ! सन्देस भेज दिया होता मैं खुद आ जाती। बैठो आपके लिए पानी लेकर आती हूँ । “Jamindar Ki Sexy Kahani”ज़मीदार — (खाट के पास पड़ी पुरानी सी कुर्सी पे बैठते हुए) — नही नही, भौरी इसकी कोई जरूरत नही है। तुम ये बताओ आज काम पे क्यो नही आई। उस दिन तो बड़ी लम्बी लम्बी डींगे हांक रही थी। क्या हुआ हमारे आज के इकरार का ? भाई अभी भी नही समझे। चलो मैं समझाता हूँ। वो अनोखी सज़ा इन पैसो की माफ़ी के लिए तो दी थी।अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- लेकिन फेर भी उसके मुंह से सुनना चाहती थी।भौरी — और कोन सा काम मालिक ?ज़मीदार — वही जो तूने बोला था के यदि दिए समय में आपका क़र्ज़ न चुकता कर पाऊँ तो जो मर्ज़ी दण्ड लगा लेना।भौरी — हाँ बोला था, लेकिन सज़ा तो उस हवेली में भी दे सकते थे न, फेर इतनी दूर बुलाने की जरूरत क्या थी।ज़मीदार — वहां सब है तेरी मालकिन, छोटे ज़मीदार, घर के नौकर चाकर, सो उनके सामने तुझको सज़ा देना मुझे शोभा नही देता था। इस लिए यहां अकेले में तुझको बुलाया है। यहां तुझे जी भर के सज़ा दूंगा ।इस बार उसकी बोली में दोहरापन था।भौरी — चलो ठीक है, बताओ क्या सज़ा है मेरी ??ज़मीदार — किस तरह की सज़ा चाहते















