सुहाग रात को मैंने एक घंटे तक चुदाई की थी, और फिर मैं झड़ गया था पर खुश था क्यों की मेरी बीवी भी साथ झड़ी थी. XXX BF Suhagrat Kaise Kareमेरे पिताजी फ़ौज में थे और जब मैं ग्यारह साल का था तभी उनका देहांत हो गया, इस दुनिया में मुझे और माँ को छोड़ गया, मैं अकेला संतान था, माँ मुझे बहुत प्यार करती थी, पता नहीं उनको डर था की कही वो मुझे खो ना दे इसवजह से वो मुझे ज्यादा केयर करती थी, पापा के मौत के बाद हमलोग बलिया अपने पुश्तैनी मकान में आ गए, मेरी पढाई लिखाई बलिया में ही हुई.बचपन से ही मैं अपने माँ के साथ ही सोया करता था, माँ मुझे ज्यादा इधर उधर जाने नहीं देती थी, मैं माँ से काफी ज्यादा लगाव था, मानो की वो मेरी एक अच्छी दोस्त थी, पर कुछ मामलों में मैं काफी पिछड़ गया था, मैं काफी शाय हो गया था, मुझे बाहर जाना बिलकुल भी अच्छा नहीं लगता था.मैं हमेशा घर में ही रहता था, लड़कियों पे प्रति भी मेरी ज्यादा रूचि नहीं होती थी, सच पूछिए तो मेरी ज़िंदगी अजीब हो गई थी, माँ के साथ जब सोता था, तब भी मुझे ज्यादा बुरे ख्याल नहीं आते थे क्यों की बचपन से ही मैं औरत के संपर्क में रहा था.माँ के प्राइवेट पार्ट को छूता था,















