वो मेरे उपर लेट गयी और मेरे होठों को चूमने लगी. BFSex भाभी भी जोश के मारे सिसकारियाँ भरने लगी. भाभी जोश में आ ही चुकी थी. मैं ये भी जानती हूँ की अगली बार तू ज़्यादा से ज़्यादा 15 मिनट ही मुझे चोद पाएगा. वो बोली, फिर मैं आप को क्या कह कर बुलाऊं. जब तेरा मन कहेगा तभी इसे अंदर लेना.वो बोली, ठीक है, मैं मूह में लेकर चूस लेती हूँ. मैने कहा, हां, गांद इसी तरह से मारी जाती है. मैने उनकी चूत का सारा जूस चाट लिया. मैने कहा, नहीं, रहने दो, मैं ऐसे ही ठीक हूँ. मालती ने थोड़ा सा शरमाते हुए मेरे लंड पर साबुन लगाना शुरू कर दिया. मैं एक दम हत्ता कॅट्ता नौजवान था और बहुत ही ताकतवर भी. मालिश करने के बाद वो चली गयी. मैने कहा, गांद मरवाने में तो बहुत ही ज़्यादा दर्द होता है. मालती को भी अब मज़ा आ रहा था. मैं मालती के बगल में आ गया. तू मेरे उपर उल्टा लेट जा और अपना लंड मेरे मूह के पास कर दे फिर चाट मेरी चूत को.मैं भाभी के उपर 69 की पोज़िशन में लेट गया. लगभग 1 घंटे के बाद सोफिया ने मुझसे कहा, क्यों जी, तुम मुझे आज नहीं चोदोगे क्या.















