मेरी रूह अब तुम्हीं हो.. जिस चीज़ की ज़रूरत हो.. BF XXX या यहीं मंगा लें?मैंने कहा- आप जैसा पसंद करें।उन्होंने कहा- नहीं तुम बताओ..तब मैंने कहा- आज घर पर मँगा लें.. देव अंकल पर मेरी बात का पूरा असर हुआ और वह मुझे खूब कस कर अपनी बांहों में ले कर जम कर चोदने लगे।मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि इस प्रकार शादी के बिना मैं किसी से अपनी मर्ज़ी से चुद जाऊंगी.. मेरे जिस्म में सेक्स की लहर दौड़ रही थी.. तुम्हारे जैसी मॉडर्न लड़कियाँ भी शरमाती हैं कहीं? और देखो तो मैं तुम्हारे लिए क्या लाया हूँ..देव अंकल के ऐसा कहने से मैं भी मुस्कुराते हुए देव अंकल के पीछे उनके बेडरूम में दाखिल हो गई। थोड़ी ही देर पहले ख़यालों में मैं जिस प्रकार देव अंकल को अपने साथ महसूस कर रही थी.. इसलिए पापा ने अपने एक साथी से बात की। वह एक-दो बार मेरे घर आए थे.. दूसरों की नज़रों से छिपाना चाहते हैं? लेकिन इस औरत के सामने वहाँ जाना मुझे अच्छा नहीं लगा.. मेरे जिस्म में सेक्स की लहर दौड़ रही थी.. कभी मेरे मम्मों को सहलाने लगते..















