हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की मीठी आवाज के साथ चुद रही थी। विवेक झड़ने वाला हो रहा था। उसने झट से अपना लंड मेरी गांड से निकाल कर। मेरी मुह में रख दिया। जोर जोर से मुठ मार कर हा हा हा.. BFSex सोच लो। देना पड़ेगा नहीं तो मै सबको दिखा दूंगा.”उसने मुझे चुदने के लिए कहने लगा। मेरी तो डर के मारे गांड फट रही थीं। मैं अभी तुरंत ही चुदी थी। तो मेरा थोड़ा सा भी मन चुदने को नहीं हो रहा था। मैंने फिर भी हाँ कर दिया। आज बाप बेटे मिल कर मेरा बाजा बजाने पर तुले हुए थे। मेरी चूत पहले बाप ने फाड़ी। अब बेटा उसे और अच्छे से फाडने पर लग गया।उसने कहा- “जल्दी से मेरे कमरे में चलो। कोई आये उससे पहले मैं तुम्हारा काम लगा कर ख़त्म कर दूं.”मै पास के ही उसके कमरे में चली गई। मैंने उससे बहुत कहा कि ये सब गलत है। लेकिन उसने एक ना मानी। बस अपनी बात पर ही अड़ा रहा। उसने मुझे शादी में ही देखा तब से चोदने की कल्पना करता रहता था। उसने मुझे बताया। मुझे तो इस हादसे का यकीन ही नहीं हो रहा था।लेकिन फिर भी मानना पड रहा था। आज मै पहली बार एक ही दिन में दो दो लंड खाने जा रही थी। पहली बार तुरंत ही दोबारा चुदवाने को















