जैज़मिन चौधरी की देसी कहानी, तीन का खेल-240p

उ.. XXX Hindi ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.और बार-बार इस मजे को देने के लिए थैंक यू भैया थैंक यू भैया बोल रही थी मैं भी उसको आई लव यू थैंक यू मेरी रानी बोल रहा था थोड़ी देर बाद थोड़ा सा उसके ऊपर से उठा वह बोली भैया मुझे टॉयलेट जाना है बहुत दर्द है प्लीज मेरी हेल्प करो टॉयलेट कराने ले चलो मैंने उसे उठाया तो वह खून से सनी चदर देखकर खुश होकर के बोली.भव्या: शर्माते हुए) हाय राम ये क्या भैया आपने कितनी बुरी तरह मेरी बुर की उद्घाटन किया है मेरी सील तोडी है कितना खून निकला है आपके खूनी लौड़े ने मुझे कितना दर्द दिया है.मैं: बेबी सुहागरात में खून तो निकलता ही है और दर्द भी पहली बार होता है उसके बाद तुम्हें कितना मजा आया तू अपने चूतड उठा उठा कर और अंदर लेने की कोशिश कर रही थी याद है कि भूल गई।भव्या: पुचच….पुच्च मुझसे ज्यादा मुझे तो आप ले रहे थे कैसे मुझे जकड़ कर हुमच हुमच कर चोद रहे थे आई लव यू भैया और फिर से थैंक यू मेरी बुर का उद्घाटन करने के लिए।फिर मैं भव्या को अपनी गोद में उठता बाथरूम ले गया और उसे टॉयलेट कराया हम बहुत थक गए थे हमने साथ-साथ नहाने के लिए हमने शावर को खोल कर नीचे खड़े

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