एक दिन कि बात है. XXX BF फिर दूसरे दिन कि शुरूवात हुई चाची बोली मैं थोड़ा बाहर से किराना लेकर आती हु.. धीरे से पेटीकोट भी का नाला भी अपनी मुँह से निकाल दिया चुमते चुमते.फिर एक हाथ से पेटीकोट भी निकला अब पैंटी को भी निकालकर उसकी चुत को अपने प्यारे जीभ से चाटने लगा. फिर मैंने अब सोच लिया चाची चोद ही देता हु चाचा से खुश नहीं चाची भी.. मेरा लंड उसे देख कर पूरा टाइट हो जाया करता था. खाना खाने के बाद चाची बाथरूम चली गयी और मैं उनके पीछे मैंने बाथरूम में होल बना दिया था.वहाँ से देखा तो चाची ने अपने साड़ी ऊपर करके अपनी चुत में ऊँगली डालकर मज़े ले रही थी. मैं अपने रूम पर था..थोड़ी देर बाद उठा तो चाचा चाची के ऊपर थे सिर्फ 2 मिनट के लिये. मेरा नाम प्रविन है.. थोड़ी देर बाद कॉल आया कि दोस्तों के साथ कही टूर पर 20 दिन के लिये गये है.. अब चाची को भी रहा नहीं जा पा रहा था.















