क़यामत है ये तो! XXX Hindi ऐसे फोर्मल स्वागत ही करोगी क्या?और पता है दोस्तो, आगे क्या हुआ! चुदाई करो जल्दी! वैसे औरत कहना गलत होगा, यूँ कहें कि क्या लड़की थी !सांवला रंग, तीखे नैन-नक्श, खुले और लम्बे बाल, पतली कमर, महंगे परफ्यूम से महकता बदन, उसने सलीके से साड़ी पहनी हुई थी जो उसकी नाभि से काफी नीचे बंधी हुई थी, बहुत ज्यादा खुले गले गले का ब्लाउज और उसमें से उबले पड़ रहे उसके उन्नत वक्ष क़यामत ढ़ा रहे थे, वो सांवली सलोनी इतनी सेक्सी लग रही थी कि बस दोस्तो, मैं कैसे उसका वर्णन करूँ, कुछ समझ नहीं आ रहा मुझे !अरे हाँ! और मैं एकदम शांत हो गया।मेरी लम्बी चुप्पी को भी उसी ने तोड़ा, वो बोला- यार क्या हुआ? अब रहा नहीं जा रहा! मेरी समझ में नहीं आ रहा है। तो उसका सब्र जवाब दे गया और वो देसी भाषा पर आ गई- ओह दीपक! तुम तो सेक्स-एक्सपर्ट हो, और अब तो इतने दिनों की दोस्ती भी है, अगर हम एक साथ कोई मस्ती करते हैं तो इसमें तुम्हें परेशानी क्या है?अब मैं बोला- लेकिन यार क्या यह ठीक होगा, बोलना-लिखना अलग बात होती है।“ओह !” अब वो थोड़ा व्यंगात्मक लहजे में मुझे चिढ़ाते और चैलेंज करते हुए बोला- यानि तुम सिर्फ बातों के ही शेर हो?मैंने कहा- नहीं यार, ऐसी बात नहीं है, मैंने सोचा नहीं















