इस अय्याशी की महफिल में मुझे मुफ्त की शराब तो पीने को मिल रही है।“मेरा नाम डाक्टर दत्ता है, मैं एक स्त्री रोग विशेषज्ञ हूँ।”“डाक्टर साहब, मेरा नाम जोया है, मैं एक स्त्री हूँ, लेकिन मुझे कोई रोग नही है… हा हा हा हा…”“हा हा हा हा”.थोड़ी ही देर में मैं डाक्टर साहब के साथ घुल मिल गई थी।डाक्टर साहब बोले, “अगर आप बुरा ना माने तो मैं आप जैसे खूबसूरत लड़की के साथ डांस करना चाहता हूँ। पर मेरी एक विनती है आप से…”“जी बोलिए…”“आप अपने बालों को जुड़े मे ज़रूर बाँध लीजिएगा…”“क्यों? तुझे मालूम है कि तेरी फ़िक्र में मेरा क्या हाल…” वह बोलते बोलते रुक गई…उन्हे मेरी हालत देख कर ताज्जुब हुआ, वह बोलीं, “क्या हुआ? XXX Hindi यही सोचते हुए मैं गाड़ी चलाती रही… शबाना आंटी के घर पहुंचते-पहुंचते करीब करीब साढ़े नौ बज गए।उन्होने मुझे अपने घर की पहली मंज़िल के बरामदे से ही देख लिया था। मैने गराज में गाड़ी पार्क की और मेरे डोर बेल बजाने से पहले ही उन्होने दरवाज़ा खोल दिया और एकदम से शुरू हो गई, “अरी जोया?















