आगे की कहानी अब दूसरे भाग में…अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- “पूजा पूजा क्या हुआ बेटा, ऐसे दरवाजा क्यों बंद रखा हैं, जल्दी खोल……” मैं पूरी तरह घबरा उठी और एकदम से बॉथरूम में भागी.. XXX BF गिला हो रखा था, मै उसे छूने लगी, और मेरे अंदर करेंट दौड़ गया, अब मैं क्या ही बयां करूं दोस्तों कैसा लगा था मुझे, मेरे जहन में पापा का ख्याल आया और उस कलमुही का.और मैं दोनों को सोचते हुए अपनी चूची को दबाने लगी जैसे पापा दबा रहे थें, फिर चूत को भी उंगली डाल कर देखने लगी, पर मैं अपनी छोटी और पतली उंगली डालने से घबरा रहीं थीं, इसलिए बाहर से ही खूब सहलाया और आनंद लेने लगी कि तभी, जोरो से कोई दरवाजा पीटने लगा…….. कभी अपने चूची को दबाती तो कभी निपल्स पर उंगली फेरती, मुझे अच्छा लग रहा था, दिल धड़क रहा था, मैंने अपनी चूत पर हांथ फेरा, पूरा गीला हो गया था, मैंने बाहर से ही सहलाया तो मचल उठी, फिर आहिस्ता से फांक कर देखने लगी, पूरी गुलाबी चूत हाय!! “पूजा पूजा क्या हुआ बेटा, ऐसे दरवाजा क्यों बंद रखा हैं, जल्दी खोल……” मैं पूरी तरह घबरा उठी और एकदम से बॉथरूम में भागी.. Father Daughter Chudaiजोकि किसी भी मर्द को पागल करने के लिए काफी हैं, गांड़ की चौड़ाई मेरी चौतीस हैं और कमर 32















