गर्म देशी भाभी का देह-देवर के साथ मच्छर-मार प्रेम

आप गवाह हो।”शोभा चाची – “हाँ हाँ मैं गवाह हूँ अब जल्दी से इसे चोद दे बेटा वरना ये अपनी चूत की आग में ही जल कर मर जायेगी। आण्टियों को इतना नहीं सताते बेटा। फ़िर ये तो मिश्रा आण्टी हैं इनकी अपनी चूत ही हजार चूतों से अच्छी देख कितनी सुन्दर गुलाबी फ़ूली हुई पावरोटी सी है इसकी जम के चुदाई कर तुझे कमाल का मजा मिलेगा और तेरी चुदाई से खुश हो ये तेरी सभी इच्छाये पूरी करेंगी।”अब मैंने मिश्रा आण्टी को और सताना ठीक नहीं समझा। वैसे मिश्रा आण्टी की हिमालय की तरह सर उठाये बड़े बड़े तरबूजों के मानिन्द गुलाबी छातियों, उसके नीचे गुदगु्दे पेट, गहरी नाभी घड़ों के जैसे गोल आकर के बड़े बड़े चूतड़ों और दोनों मोटी मोटी रेशमी गुलाबी जाँघों के बीच में बिना बालों वाली गुलाबी सफ़ेद पावरोटी सी चूत की मोटी मोटी फ़ाँकों को इतनी देर से देखते देखते मेरा लण्ड भी बुरी तरह टन्नाया हुआ था.फ़िर भी बड़ों की बात मानने का नाटक सा करते हुए बोला –“ अब जब आपलोग इसे गलत नहीं समझतीं तो मुझे क्या एतराज हो सकता है।”बस मैंने एक बार फ़िर उनकी बड़े बड़े तरबूजों के मानिन्द गुलाबी छातियाँ थाम लीं और पावरोटी सी फ़ूली चूत की मोटी मोटी फ़ाँकों के बीच अपने फ़ौलादी लण्ड का सुपाड़ा रखा तो ऐसा लगा जैसे किसी गरम भट्टी पर रख

गर्म देशी भाभी का देह-देवर के साथ मच्छर-मार प्रेम

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