और फिर उसके होठ चूसने लगा. मैं चुपचाप था, वो बोली नाराज हो क्या?मैंने कहा तुम काम ही यही करती है. XXX BF मैं फिर धीरे धीरे स्पीड बढ़ाया और वो भी साथ देने लगी, पहले वो पीछे की तरफ खींच लेती थी पर अब वो थोड़ा थोड़ा आगे आगे झटके देने लगी. पर मैं खुश था चलो आज नहीं तो दो दिन बाद ही सही. वो कहे जा रही थी दर्द हो रहा है. हिमांशी का हाव भाव देखकर मुझे लगा की वो मुझे पसंद करती है, वो भी सिर्फ सेक्स सम्बन्ध बनाने के लिए, क्यों की उसका कहना था की मैं चाहती हु की मैं सेक्स को जान लु.फिर मैं अपनी पढाई पर ध्यान लगाऊं शायद वो सही बोल रही थी, फिर उसकी मुस्कान और हाव भाव ने मुझे उसको छूने के लिए प्रेरित किया और मैंने धीरे धीरे गाल से स्टार्ट करके होठ को छूने लगा, जब मैं उसके दोनों गुलाब की पंखुड़ी सी होठ को छूता था वो वो कहती थी, बस ना करो प्लीज, आप तो छु कर छोड़ देते हो और मैं परेशान रहती हु. वो जैसे ही आई. फिर उसने मना कर दिया और उठ खड़ी हुई और अपना कपडा फिर पहन ली.मैं थोड़ा नाराज भी हो गया की ये क्या हो रहा है.










