उनको कितना मजा आया होगा।क्या भैया ने भाभी से मुख मैथुन भी करवाया होगा। कैसे भैया ने भाभी का मुँह, उनके ओंठ चोदे होंगे। क्या भैया ने भाभी की नाभि भी पी होगी। और क्या उनकी मस्त छातियों के बीच अपना लण्ड रखकर उनकी छातियाँ भी चोदी होंगी।दोंस्तों, ये सब सोचते सोचते मेरा लण्ड खड़ा हो गया और मैंने मुठ मार दी। फिर मैं सोचने लगा की जब मेरी भाभी इतनी गजब की माल है तो उनकी छोटी बहन भी गजब की माल होगी। फिर मैं नंदिनी के रूप के बारे में सोचने लगा। दोंस्तों, कुछ महीने बाद नंदिनी मेरे घर आई और 5 दिनों तक रही। पर मैं उसको चोद नही पाया।जान पहचान बनाते बनाते ही 5 दिन निकल गए। जब तक मैं कुछ कर पाता वो वापिस चली गयी। मैंने उसका फोन नॉ ले लिया और नंदिनी से फोन पर बात करने लगा। मेरी भाभी का घर बलिया में पड़ता है। और मेरा गोरखपुर में। इसलिये दोंस्तों बड़ी दुरी होने का कारण मैं नंदिनी तो चोद तो नही पाया।पर दोंस्तों, मैं अब उससे हर तरह की बाते करने लगा। उसे भी खूब मजा आने लगा। मैं भी खूब उससे गन्दी गन्दी कामुकता वाली बातें करने लगा। उसे भी खूब मजा आने लगा। मैं नंदिनी से फोन सेक्स भी करने लगा। उसकी भी चूत फोन सेक्स करने से गीली हो जाती















